Oct 16, 2020
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“अभी तो दुनिया देखनी है मुझे “

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कंधे पे बक्सा लेके सड़कों पे घूमना है ,
अभी तो कुछ ख्वाब देखे है उसे पूरा करना है मुझे ।
 में टूट कर थक नहीं सकती ,
अभी तो दुनिया देखनी है मुझे ।
यूं ना तोड़ मुझे की मेरा हौसला मिट जाए ,
अभी तो सारी दुनिया के कोने में मेरा वजूद दिखाना है मुझे ।
 में टूट कर थक नहीं सकती,
अभी तो दुनिया देखनी है मुझे ।
सुन, बंदिशों में रहना मुझसे नहीं होगा ,
अभी तो सारे पिंजरे से निकल कर उड़ना है मुझे ।
 में टूट कर थक नहीं सकती ,
अभी तो दुनिया देखनी है मुझे ।
देखे है कई सपने पर ये सबसे करीब है दिल के ,
अभी तो सारी दुनिया घूमकर ही चैन से सांस लेनी है मुझे ।
 में टूट कर थक नहीं सकती ,
अभी तो दुनिया देखनी है मुझे ।
माना कि अलग है सबसे मेरा ख्वाब पर ,
अभी तो हर कोना कोना देखके अपने दिल में कैद करना है मुझे ।
 में टूट कर थक नहीं सकती ,
अभी तो दुनिया देखनी है मुझे ।
सिलसिला यूं ही चलता रहेगा यहां पर ,
अभी तो सब हालातो को भूल कर खुशी से जीना है मुझे ।
 में टूट कर थक नहीं सकती ,
अभी तो दुनिया देखनी है मुझे ।
Article Categories:
Literature

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