Feb 7, 2022
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अस्पताल में ईयरफोन से अपने आखिरी पलों में पिता के गाने सुन रही थीं Lata Mangeshkar

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स्वर-कोकिला लता मंगेशकर (Lata mangeshkar) की आवाज अब कभी सुनाई नहीं देगी। सिर्फ पुराने वीडियो या ऑडियो में ही हम उन्हें सुन पाएंगे। लता जी पिछले काफी समय से फिल्म इंडस्ट्री की चकाचौंध से दूर थीं। वो किसी से मिलती-जुलती नहीं थीं। उन्होंने गाना भी बंद कर दिया था, लेकिन वो अपने आखिरी पलों ( Last Moment) में पिता के गाने सुन रही थीं। उन्होंने हॉस्पिटल में ईयरफोन मंगवाए थे और वेंटिलेटर पर गानें सुन रही थीं। लता मंगेशकर की जिंदगी पर बुक लिखने वाले हरीश भिमानी ने आज तक को दिए इंटरव्यू में भारत रत्न के आखिरी पलों के बारे में जानकारी दी है। ये जानकारी उन्हें लता जी के भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने दी है। उन्होंने लता जी के आखिरी दो दिनों के बारे में बताया।

वेंटिलेटर पर सुन रही थीं पिता के गानें

लता मंगेशकर दो दिन पहले होश में थीं। वो वेंटिलेटर पर थीं, लेकिन अपने पिता के गाने सुन रही थीं। उन्होंने खुद हॉस्पिटल में ईयरफोन भी मंगवाए थे। हालांकि, वो अपने गाने नहीं सुनती थीं, क्योंकि उन्हें अपने गानें सुनना खास पसंद नहीं था।

अपने गानें नहीं सुनती थीं लता जी

स्वर-कोकिला लता जी अपने गानें इसलिए भी नहीं सुनती थीं, क्योंकि उन्हें कमियां दिखती थीं। उन्हें लगता था कि वो इससे और बेहतर कर सरती थीं। रियल लाइफ में वो एक स्टूडेंट थीं, जो प्रत्येक दिन संगीत से जुड़ा कुछ न कुछ सीखती थीं। 11 जनवरी को खबर आई थी कि लता मंगेशकर कोरोना वायरस पॉजिटिव हो गई हैं। उन्हें हल्के लक्षण थे, लेकिन ज्यादा उम्र होने की वजह से उन्हें ICU में ऐडमिट किया गया था। वो निमोनिया से भी जूझ रही थीं। हालांकि, बीच में उनकी तबीयत में सुधार आया था और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट से भी हटा दिया गया था, लेकिन 5 फरवरी को उनकी हालत बिगड़ने लगी। उन्होंने 6 फरवरी की सुबह आखिरी सांस ली।

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Business · Entertainment · Films & Television

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