Jul 27, 2022
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मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल ने गुजरात में चिप निर्माण क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए “गुजरात सेमीकंडक्टर नीति” की घोषणा की।

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राज्य के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल के नेतृत्व में गुजरात ने तकनीकी क्रांति की ओर एक और कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्रभाई पटेल ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री श्री जीतूभाई वघानी, मुख्य सचिव श्री पंकज कुमार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री जीतूभाई वघानी की उपस्थिति में “गुजरात सेमीकंडक्टर नीति 2022-2027” की महत्वपूर्ण घोषणा की है। पंकज जोशी, सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग श्री विजय नेहरा।

 

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग मंत्री श्री जीतूभाई वघानी ने कहा कि गुजरात ने सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले निर्माण क्षेत्र को समर्थन देने के लिए एक अनूठी समर्पित नीति की घोषणा करने वाला देश का पहला राज्य होने का गौरव अर्जित किया है। गुजरात सेमीकंडक्टर नीति 2022 से 2027 की घोषणा राज्य में घरेलू सेमीकंडक्टर चिप निर्माण क्षेत्र में तेजी से और समावेशी विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता के साथ की गई है। इस नीति से अगले पांच साल में करीब दो लाख नौकरियां सृजित होंगी।

 

मंत्री श्री जीतूभाई वघानी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में जहां पूरे देश में आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस योजनाएं बनाई जा रही हैं, वहीं भारत सरकार द्वारा भारत सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) की स्थापना की गई है। भारत में सेमीकंडक्टर चिप निर्माण क्षेत्र और सेमीकंडक्टर निर्माण में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के उद्देश्य से इस क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए एक नीति की घोषणा की गई है। जिसके तहत भारत सरकार द्वारा 76000 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है। भारत सरकार की इस पहल के समानांतर, मुख्यमंत्री द्वारा गुजरात में चिप निर्माण क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए सेमीकंडक्टर नीति की घोषणा की गई है। इस नीति की घोषणा के साथ, गुजरात सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को समर्थन देने वाली नीति की घोषणा करने वाला पहला राज्य बन गया है।

 

मंत्री श्री वघानी ने कहा कि भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत भारत सेमीकंडक्टर मिशन द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं के लिए भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता के अतिरिक्त 40 प्रतिशत की दर से अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाती है। भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली पूंजी सहायता राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। इस नीति के तहत धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (धोलेरा सर) में धोलेरा सेमीकॉन सिटी की स्थापना की जाएगी और पात्र परियोजनाओं को पहले 200 एकड़ भूमि खरीद पर 75% और फैब परियोजनाओं या अपस्ट्रीम / डाउनस्ट्रीम और अन्य के लिए आवश्यक अतिरिक्त भूमि पर 50% सब्सिडी मिलेगी। आईएसएम के तहत स्वीकृत परियोजनाएं प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

 

मंत्री ने आगे कहा कि इस नीति के तहत सभी पात्र परियोजनाओं को पहले पांच वर्षों के लिए 12 रुपये प्रति घन मीटर की दर से अच्छी गुणवत्ता वाला पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद अगले पांच साल तक सालाना 10 फीसदी की दर से पानी की दरें बढ़ाई जाएंगी। इस नीति के तहत पात्र परियोजनाओं के लिए उत्पादन शुरू होने से 10 साल की अवधि के लिए प्रति यूनिट रु. 2 की बिजली टैरिफ सब्सिडी प्रदान की गई है और सभी पात्र परियोजनाओं को गुजरात विद्युत शुल्क अधिनियम, 1958 के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार बिजली शुल्क के भुगतान से छूट दी जा सकती है।

मंत्री ने कहा कि इस नीति के तहत परियोजना के उद्देश्य के लिए भूमि के पट्टे / बिक्री / हस्तांतरण के लिए पात्र परियोजनाओं द्वारा सरकार को भुगतान किए गए 100% स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क की एकमुश्त वापसी का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार के विभिन्न कानूनों के तहत प्राप्त होने वाली सभी स्वीकृतियां शीघ्र प्राप्त करने के लिए सिंगल विंडो मैकेनिज्म स्थापित किया जाएगा। इस नीति का उद्देश्य बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करना है और अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में 2 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

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Electric & Electronic

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