Feb 16, 2022
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रैपिपे ने डिजिटल बैंकिंग में कदम रखा, 15 मिलियन यूएसडी जुटाए

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रैपिपे ने डिजिटल बैंकिंग में कदम रखा, 15 मिलियन यूएसडी जुटाए

भारत के सबसे बड़े डिजिटल बैंकिंग एवं वित्तीय इकोसिस्टम का निर्माण करने तथा मौजूदा पेमेंट कारोबार को बढ़ाना है

डिजिटल बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं प्रदान करने हेतु अपनी तरह का पहला सुपर ऐप लॉन्च करना है

 

नई दिल्ली, 15 फरवरी 2022: फिनटेक इंडस्ट्री में एक लीडर के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करते हुए रैपिपे ने नए जमाने के एक डिजिटल बैंकिंग सुपर ऐप एनवायई को लॉन्च करने के लिए $15 मिलियन की फंडिंग जुटाई है। रैपिपे के विकास की कहानी में भरोसा करते हुए वरुण जयपुरिया (आरजे कॉर्प), डीएलएफ फेमिली ऑफिस, राहुल गौतम (शीला फोम) और रोहन कुमार (डीएस ग्रुप) फंडिंग के मौजूदा चक्र का नेतृत्व कर रहे हैं। निवेशकों को अपनी तमाम जरूरतों के लिए इस सुपर ऐप का इस्तेमाल करके 6 मिलियन व्यापारियों वाला समूचा खुदरा नेटवर्क हासिल करने में एनवायई (डिजिटल बैंकिंग सुपर ऐप) के साथ गजब का तालमेल नजर आ रहा है। निवेशकों की इन जरूरतों में वेतन एवं चालू खाते, पेमेंट संबंधी समाधान, खुदरा एवं व्यावसायिक लोन, बाय नाउ पे लैटर, इन्वेस्टमेंट, इंश्योरेंस या सुविधा प्रदान करने वाली अन्य सेवाएं शामिल हैं।

रैपिपे देश की ऐसी एकमात्र डिजिटल बैंकिंग खिलाड़ी है, जिसके पास आधा मिलियन हाइब्रिड डायरेक्ट बिजनेस आउटलेट्स (डीबीओज) का तैयार फिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। कंपनी 1 मिलियन दैनिक लेनदेन कर रही है और यह 100 मिलियन से ज्यादा ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर चुकी है। यह कंपनी नकद निकासी और जमा, एईपीएस, माइक्रो एटीएम, पीओएस, यूटिलिटी पेमेंट, लोन और इंश्योरेंस जैसी बुनियादी बैंकिंग सेवाओं में 25% एमओएम की मजबूत वृद्धि दर्ज कर रही है।

रैपिपे अब वर्ष 2025 तक 2 मिलियन प्राइमरी चालू एवं सैलरी बैंक खाते खोलने, 1 मिलियन पीओएस मशीनें लगाने, $30 बिलियन यूएसडी का जीटीवी हासिल करने, 150 मिलियन अनूठे ग्राहक बनाने, 3.5 मिलियन दैनिक लेनदेन करने तथा और 2 मिलियन हाइब्रिड डीबीओज का एक फिजिटल इंफ्रा स्थापित करने का लक्ष्य रखती है। ये हाइब्रिड डीबीओ देश के हर सेगमेंट और भौगोलिक क्षेत्र में मौजूद ग्राहकों को 24/7 बैंकिंग सेवाएं प्रदान करेंगे।

फंड जुटाने के नवीनतम चक्र पर टिप्पणी करते हुए रैपिपे के सह-संस्थापक एवं एमडी श्री योगेंद्र कश्यप ने कहा, “बी2बी सेगमेंट में हमारे विकास की कहानी बेमिसाल है। हम केवल 3 वर्षों में सहायता-प्राप्त भुगतान के मामले में मार्केट लीडर बन गए हैं। एनवायई के साथ बी2सी बाजार में हमारा प्रवेश एक स्वाभाविक कारोबारी प्रगति है और हमें अपनी सफलता को एक बार फिर से दोहराने का भरोसा है। उपभोक्ताओं और कारोबारों दोनों के लिए देश में एक मजबूत डिजिटल वित्तीय इकोसिस्टम बनाने के लिए इस नई पूंजी का उपयोग किया जाएगा। रैपिपे में हमारी फिलॉसफी यह रही है कि सबसे पहले शोधकार्य किया जाए, जरूरतों को समझा जाए और तब जाकर किसी व्यावहारिक कारोबारी मॉडल के दम पर कोई तकनीक तैयार की जाए। हम उपभोक्ता हासिल करने के लिए मात्र पूंजी उड़ाने में यकीन नहीं करते।”

रैपिपे के सीईओ श्री निपुण जैन ने कहा, “महामारी के चलते देश के दूर-दराज स्थित इलाकों में भी फिजिटल बैंकिंग को लेकर उपभोक्ता की प्राथमिकताओं में भारी बदलाव आया है। एनवायई के जरिए निर्बाध एवं सुरक्षित तरीके से बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं प्रदान करने हेतु आसान, सुविधाजनक और अभिनव समाधान तैयार करने के लिए तकनीक का लाभ उठाना हमारा लक्ष्य है। एनवायई अपनी तरह का ऐसा पहला बैंकिंग सुपर ऐप है, जो एक ही लॉगिन से कई बैंक खातों, लेनदेन और सभी प्रकार की वित्तीय जरूरतों का प्रबंधन करता है तथा पूरे लेनदेन के सारांश को एक बार में ही दिखा देता है।“

 

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Economic · Retail

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