आज रंग है” उत्सव में बिखरे साहित्य और कला जगत के अनूठे रंग
हमारे भारतीय समाज, संस्कृति और साहित्य को बढ़ावा देने और युवाओं में साहित्य के प्रति जागरूकता और रुचि को और भी अधिक प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लैब एकेडेमिया पुब्लिकेशन्स के द्वारा कल, रविवार दिनांक 11 अगस्त 2024 राजधानी में मनाया गया *”आज रंग है”* उत्सव। भारतीय संस्कृती, समाज, और व्यक्तित्व विकास में साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका की ओर ध्यान आकर्षित करने के प्राथमिक उद्देश्य से मनाये जा रहे इस उत्सव में साहित्य और कला प्रेमियों की काफी भीड़ भाड़ देखने को मिली। जहाँ एक ओर इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का भी अवसर मिला वहीँ दूसरी ओर प्रख्यात वक्ता, कवि, समाज सेवक, और शिक्षाविदों ने इस महोत्सव में भाग लिया।
इस मौक़े पर *”द सोल ऑफ दिल्ली: स्टोरीज फ्रॉम द कैपिटल”* नामक पुस्तक के कवर का अनावरण, *डी यू की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ० आमना मिर्ज़ा एवं लैब एकेडेमिया पुब्लिकेशन्स की ओर से फरहा नाज़* द्वारा किया गया। शास्त्रीय गायिका, लेखिका एवं कवियित्री *कस्तूरिका मिश्रा* द्वारा सूफ़ी गायिकी से उत्सव की शुरुआत हुई जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। साथ ही कार्यक्रम में *श्रीमती आभा सिंघल जोशी (वकील), मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर काम कर रहीं नरचर लाइफ इन जी ओ की संस्थापिका, फ़रहा सरोश, पूर्व भारतीय वायु सेना अधिकारी और नामचीन पर्वतारोही, तूलिका रानी,* के साथ *प्रसिद्द मनोवैज्ञानिक, सुप्रीत बाली ने बेस्ट सेलिंग पुस्तक, ह्यूमंस ऑफ़ नरचर लाइफ* पर चर्चा करते हुए लोगों को प्रेरित किया। इसके साथ ही कार्यक्रम में *कुमुद किशोर द्वारा लिखी पुस्तक, लोहार* का गणमान्य सदस्यों द्वारा विमोचन किया जायेगा। नामचीन लेखक, कवि और शिक्षाविद *डॉ. सन्देश यादव (एसोसिएट प्रोफेसर, जामिआ मीलिआ इस्लामिआ)* ने अपनी पुस्तक ज़रा सा साहस से कविता पाठ किया। लैंगिक समावेशिता और विविधता को बढ़ावा देने की आवश्यकता के विषय पर प्र *सिद्द लेखिका और पुरस्कार विजेता अनु शक्ति सिंह, सिद्धार्थ यादव (लेखक एवं चेंज मेकर), मेघना मेहरा (संस्थापिका, ऑल इंडिया क्वीर एसोसिएशन) और इलाहबाद यूनिवर्सिटी की अनुसंधान विद्वान साक्षी अरोरा* ने अपने विचार साझा किये। *मशहूर लेखिका ज़हरा नक़वी, बुशरा अल्वी, समीना नक़वी* ने “साहित्य संस्कृति और समाज को प्रतिबिंबित करता है” के विषय चर्चा करते हुए हमारे समाज में साहित्य और कला की महत्ता के बारे लोगों को जागरूक किया।
आज रंग है साहित्यिक उत्सव में जहाँ एक ओर शहर की नामचीन कवियित्री *केना श्री* ने अपनी कहानियों और कविताओं से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी वहीँ दूसरी ओर लर्निंग मूवमेंट के संस्थापक, मोटिवेशनल स्पीकर *डॉ संजय अग्रवाल* ने अपने उद्बोधन से युवाओं को अपने लक्ष्य को पाने और निरंतर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया। इस उत्सव में शहर के प्रसिद्द कथाकार एवं लेखक जैसे अमित दहियाबादशाह, केना श्री, रिज़वाना इक़रा, सज्जाद अख़्तर, पराग पावन, असरार, आर्यन, रोहन, वृंदा और कोमल सोनी जैसी प्रतिभाओं ने अपने कविता पाठ से कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। कार्यक्रम में कवियों, कथाकारों और साहित्य प्रेमियों की एक जीवंत संगत देखने को मिली।
इस अनूठे रंगारंग कार्यक्रम में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों को स्मृतिचिन्ह एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन शेफाली यादव ने किया। यह कार्यक्रम कुँज़ुम बुक्स, ग्रेटर कैलाश 2, दिल्ली में सफलतापूर्वक आयोजित हुआ।