उत्तर प्रदेश सहित 5 राज्यों में चुनाव के चलते जीएसटी कॉउन्सिल में एमएमएफ पर 5 फीसदी ड्यूटी को बढ़ाकर 12 फीसदी करने का निर्णय स्थगित कर दिया गया था। जिसके बाद अब जब चुनाव ख़तम हो गया है , जीएसटी कॉउन्सिल फिर इस निर्णय को अमल में लेन पर विचार में है। वहीं सूरत में चैम्बर और फियास्वी अब भी प्रयास में जुटे है की जीएसटी की दरों को न बढ़ाया जाए।
जीएसटी कौंसिल के अधिकारियों ने कपडे पर इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को हटाने का निर्णय स्थगित किया था पर अब महीने के अंत में आने वाली अगली मीटिंग में इसे फिर हटाने की बात की जा रही है। बातें तो ये भी चल रही है की कपड़ों पर जीएसटी दरों को 12 की जगह 8 फीसदी भी किया जा सकता है।
फियास्वी के अध्यक्ष भरत गांधी ने कहा कि चैम्बर और फियासवी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता वाली जीएसटी समिति के मंत्रियों के समूह को भी प्रतिनिधित्व दिया है। कपड़ा वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, दर्शना जरदोश, कपड़ा सचिव यूपी सिंह और गुजरात के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई को पहले पेश किया जा चुका है। परिषद की बैठक से पहले एक बार फिर फियासवी चैम्बर से मुलाकात कर एक प्रस्तुतिकरण देंगे।
सांसद और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल ने शनिवार को फोगवा सत्र में कहा कि कपड़ा पर 12 प्रतिशत जीएसटी का स्लैब रखने का निर्णय प्रधानमंत्री की मध्यस्थता के साथ लिया गया। कोई परिवर्तन नहीं हो सकता। हमने वीवर्स को तब भी शांत रहने को कहा था।