Apr 2, 2021
86 Views
0 0

आज सोचा तो आँसू भर आए

Written by

आज सोचा तो आँसू भर आए
मुद्दतें हो गईं मुस्कुराए

हर कदम पर उधर मुड़ के देखा
उनकी महफ़िल से हम उठ तो आए

दिल की नाज़ुक रगें टूटती हैं
याद इतना भी कोई न आए

रह गई ज़िंदगी दर्द बनके
दर्द दिल में छुपाए छुपाए

कैफ़ी आज़मी

Article Tags:
Article Categories:
Literature

Leave a Reply

%d bloggers like this: