Mar 1, 2021
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Bengal Election : 8 चरणों में चुनाव से TMC की क्यों बढ़ गई है धड़कन, जानिए

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चुनाव आयोग ने शुक्रवार को जब से पश्चिम बंगाल में इस बार 8 चरण में विधानसभा चुनाव कराने की घोषणा की है, ममता बनर्जी और टीएमसी उसपर भाजपा के इशारों पर काम करने का आरोप लगा रहे हैं। लेफ्ट ने भी चुनाव आयोग पर उंगलियां उठाई हैं। सिर्फ भारतीय जनता पार्टी ने ही इसे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाने की दिशा में उठाया गया कदम बताया है। जबकि, चुनाव आयोग ने अपने फैसले को लेकर जो कारण गिनाए हैं, उसके पीछे पुख्ता आधार नजर आ रहे हैं। अब आइए समझते हैं कि हर पार्टी अपने नजरिए से इस फैसले की व्याख्या क्यों कर रही है और सत्ताधारी तृणमूल की बौखलाहट की असर वजह क्या है।

चुनाव आयोग ने बंगाल में 8 चरणों में चुनाव करवाने की जो घोषणा की है, वह राज्य के लिए मतदान करवाने का सर्वाधिक चरण है। प्रदेश के करीब 7,32,94,980 मतदाता 27 मार्च से लेकर 29 अप्रैल तक 1,01,916 पोलिंग बूथ पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस दौरान राज्य के कई जिलों मसलन- दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, पूर्वी मिदनापुर, पश्चिमी मिदनापुर और कई और जिलों में भी कई हिस्सों में मतदान करवाए जाएंगे। बंगाल के चुनावी इतिहास में यह एक अप्रत्याशित स्थिति है। बंगाल में 27 मार्च, 1 अप्रैल, 6 अप्रैल, 17 अप्रैल, 22 अप्रैल, 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डालने के बाद 2 मई को वोटों की गिनती होगी। इस तरह से चुनाव की घोषणा होने से लेकर चुनाव प्रक्रिया पूरे होने तक कुल 66 दिन लग जाएंगे। लेकिन, हम इतने लंबे चुनाव प्रकिया और इसको लेकर उठाए जा रहे सवालों पर विचार करने से पहले यह जान लेते हैं कि पिछले चुनाव में क्या हुआ था।

कोविड प्रोटोकॉल के चलते इसबार मुख्यतौर पर मतदान केंद्रों में इतना ज्यादा इजाफा किया गया है। आयोग ने हर पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की संख्या 1,000 से 1,500 के बीच निर्धारित कर दी है। इसके अलावा विभिन्न त्योहारों की वजह से भी चरण बढ़ाए गए हैं। इसके साथ ही ज्यादा बूथ होने के मद्देनजर सुरक्षा बलों की आवाजाही भी सहज रखने की कोशिश की गई है। राज्य में चुनावी हिंसा का जो इतिहास रहा है, उसे देखते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए सुरक्षा बलों की सटीक तैनाती जरूरी है। ज्यादा फेज में चुनाव करवाने से सुरक्षा बलों को बेहतर तरीके से तैनाती की जा सकेगी और इससे कानून और व्यवस्था बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी। यही वजह है कि चुनाव की घोषणा से पहले ही आयोग ने वहां केंद्रीय सुरक्षा बलों की 125 कंपनियां भेज चुका है।

VR Niti Sejpal

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Politics · National

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