Sep 28, 2020
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पर्यटन मंत्रालय ने आज वर्चुअल तरीके से विश्व पर्यटन दिवस मनाया

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पर्यटन मंत्रालय ने आज वर्चुअल मंच के माध्यम से विश्व पर्यटन दिवस मनाया। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रह्लाद सिंह पटेल भी मौजूद थे। सचिव, पर्यटन मंत्रालय श्री योगेन्द्र त्रिपाठी, महानिदेशक, पर्यटन सुश्री मीनाक्षी शर्मा, संयुक्त सचिव, पर्यटन श्री राकेश कुमार वर्मा, अतिरिक्त महानिदेशक (पर्यटन) सुश्री रुपिंदर बराड़ और पर्यटन मंत्रालय के अन्य अधिकारियों ने भी इस वर्चुअल कार्यक्रम में भाग लिया।

इस साल संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) ने वर्ष 2020 को पर्यटन और ग्रामीण विकास वर्ष के रूप में नामित किया है। यह वर्ष रोजगार और अवसर पैदा करने के लिए पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने का एक अवसर है। यह समावेशन को भी बढ़ावा दे सकता है और प्राकृतिक तथा सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और बढ़ावा देने के साथ ही शहर की ओर पलायन को रोकने में पर्यटन की ओर से निभाई जा सकने वाली अद्वितीय भूमिका को भी उजागर करेगा।

इस कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि श्री धर्मेंद्र प्रधान ने ‘साथी’ (एसएएटीएचआई) एप्लीकेशन को लॉन्च किया। ‘साथी’ भारतीय गुणवत्ता परिषद के साथ पर्यटन मंत्रालय की एक पहल है, जो आतिथ्य उद्योग को सुरक्षित रूप से संचालित करने के लिए और होटल /यूनिट की सुरक्षा के बारे में कर्मचारियों और मेहमानों के बीच विश्वास पैदा करने में आतिथ्य उद्योग की सहायता करने के लिए है। श्री प्रधान ने एक फिल्म ‘पथिक’ को भी लॉन्च किया जो अतुल्य भारत पर्यटक सुविधा प्रदाता प्रमाणन कार्यक्रम (आईआईटीएफसी) और आईसीपीबी एमआईसीआई प्रोमोशनल फिल्म पर एक पहल है।

आईसीपीबी एमआईसीआई प्रोमोशनल फिल्म का उद्देश्य भारत में कार्यक्रम आयोजित करने का स्वागत करने के लिए एक सकारात्मक संदेश देना है जब प्रतिस्पर्धी देश पहले से ही सक्रिय रूप से अपने उत्पादों का विपणन कर रहे हैं। व्यवसाय में वापस आने के लिए खुशी और आत्मविश्वास के स्वर, उत्साहपूर्ण आतिथ्य, सुदृढ़ सुरक्षा प्रोटोकॉल और एक रमणीय अनुभव का आश्वासन फिल्म का मुख्य संदेश है।

केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस अवसर पर बोलते हुए ‘साथी’ एप्लीकेशन और ऑनलाइन लर्निंग मॉड्यूल आईआईटीएफसी को लॉन्च करने में पर्यटन मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने वेबिनार श्रृंखला ‘देखो अपना देश’ के माध्यम से हमारी संस्कृति, विरासत, कम ज्ञात स्थलों, व्यंजनों आदि को दिखाने के मंत्रालय के प्रयास की सराहना की। टिकाऊ पर्यावरण की बात करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यटक खेलों में इस्तेमाल नावों में पेट्रोल, डीजल, केरोसिन तेल (मिट्टी के तेल) आदि की जगह सीएनजी/एलपीजी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए जो प्रदूषण मुक्त हैं। उन्होंने पर्यटक स्थलों के अंदर और आसपास के बाहरी इलाकों में बैटरी चालित वाहनों का उपयोग करने पर भी जोर दिया। श्री प्रधान ने अतुल्य भारत पर्यटक सुविधा प्रदाता (आईआईटीएफ) प्रमाणन कार्यक्रम चलाने के लिए पर्यटन मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की। यह पूरे भारत में ऑनलाइन सीखने का कार्यक्रम जो सभी के लिए खुला है और इसे देश में कहीं से भी शुरू किया जा सकता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश भर के पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रशिक्षित पेशेवर तैयार करना है।

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने पर्यटन को बढ़ावा देने पर देश के प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण को दोहराया जिसमें प्रत्येक नागरिक को घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2022 तक कम से कम 15 पर्यटन स्थलों पर घूमने जाने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि पर्यटन मंत्रालय ने देश की समृद्ध विरासत और संस्कृति के बारे में नागरिकों के बीच जागरूकता पैदा करने, नागरिकों को देश के भीतर व्यापक रूप से यात्रा करने और लोगों को पर्यटन पर जाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जनवरी 2020 में ‘देखो अपना देश’ (डीएडी) पहल शुरू की है ताकि स्थानीय स्तर पर स्थानीय अर्थव्यवस्था का विकास और रोजगार के अवसरों का सृजन हो सके। कोरोना महामारी के दौरान, मंत्रालय ‘देखो अपना देश’ के समग्र विषय के तहत वेबिनार की एक श्रृंखला आयोजित करता रहा है, जिसमें देश की विविध संस्कृति, विरासत, स्थलों और पर्यटन उत्पादों को प्रदर्शित किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत  विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल करते हुए अब तक 54 वेबिनार का आयोजन किया गया है। मंत्रालय ने जन जागरूकता पैदा करने के लिए मायगॉवडॉटइन प्लेटफॉर्म पर एक ऑनलाइन डीएडी प्रतिज्ञा और प्रश्नोत्तरी भी शुरू की है। इसमें भागीदारी के लिए ऑनलाइन प्रतिज्ञा और प्रश्नोत्तरी सभी के लिए खुले हैं।

श्री पटेल ने यह भी कहा कि कार्यक्रम से पर्यटकों के समग्र अनुभव को बढ़ाने में मदद मिलेगी, जो स्थानीय पर्यटक सुविधाकर्ताओं के ज्ञान से लाभान्वित होंगे और यह देश के दूर-दराज के इलाकों में भी रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद करेगा।

इस सत्र की शुरुआत सचिव (पर्यटन) ने गर्मजोशी से स्वागत करते हुए की। उन्होंने इस महामारी के समय सभी हितधारकों द्वारा एक रणनीति बनाने और आवश्यक कार्रवाई करने के लिए उठाए गए जागरूकता और सक्रिय उपायों की सराहना की। संयुक्त सचिव (पर्यटन) ने धन्यवाद प्रस्ताव के साथ सत्र का समापन किया।

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Business · Travel & Tourism

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